13 अगस्त 2019 - 16:57
फ़ार्स खाड़ी अभियान में इस्राईल के संभावित रूप से शामिल होने पर इराक़ की प्रतिक्रिया

इराक़ ने अमरीका की अगुवाई में फ़ार्स खाड़ी मिशन में ज़ायोनी शासन के संभावित रूप से शामिल होने का विरोध किया है।

इराक़ी विदेश मंत्री मोहम्मद अली अलहकीम ने इस्राईल के शामिल होने का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि इस रणनैतिक जलक्षेत्र में पश्चिमी देशों सहित विदेशी सेना की मौजूदगी से तनाव भड़केगा।

मोहम्मद अली अलहकीम ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखाः "इराक़ फ़ार्स खाड़ी में जहाज़ के मार्ग को सुरक्षित करने के लिए किसी भी विदेशी गठबंधन में ज़ायोनी सेना के शामिल होने को रद्द करता है।"

उन्होंने यह कहते हुए, "इराक़ शांतिपूर्ण मार्ग से क्षेत्र में तनाव को कम करने की कोशिश कर रहा है" चेतावनी दी कि इलाक़े में विदेशी सेना की मौजूदगी से तनाव बढ़ेगा।

इराक़ी विदेश मंत्री का यह बयान, ईरान के इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल आईआरजीसी द्वारा फ़ार्स खाड़ी में इस्राईल की मौजूदगी के संभावित अंजाम की चेतावनी दिए जाने के एक दिन बाद सामने आया है।

आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि फ़ार्स की खाड़ी में इस्राईल की मौजूदगी से जंग भड़क उठेगी और इस अवैध मौजूदगी के अंजाम की ज़िम्मेदारी अमरीका और ब्रिटेन पर होगी।

ईरान की नौसेना के कमान्डर रियर एडमिरल अली रज़ा तंगसीरी ने लेबनान स्थित अरबी भाषी अलमयादीन टीवी चैनल से रविवार को इंटरव्यू में कहाः "अमरीका और ब्रिटेन पर फ़ार्स खाड़ी में ज़ायोनी शासन की अवैध मौजूदगी के अंजाम की ज़िम्मेदारी होगी।"